आज फिर तेरे दर से दुत्कारे गये हम।
ना पूछ किस नाम से पुकारे गये हम।।
हम जिंदगी की आरजू लेके आये थे।
पर जीते जी बिन मौत मारे गये हम।।
हद-ए-निगाह तक वीराने थे जहां पे।
बीच सफर , वहां पर उतारे गये हम।।
-यूनुस खान
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