हां मैंने देखा था एक रात ख्वाब में उसको।
ढूंढ रहा हूं रिसाले और किताब में उसको।।
ये रौनक, ये उजाले,सब हैं उसी के दम से।
मैंने पाया , चिराग-ओ-माहताब में उसको।।
-यूनुस खान
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