तू कहे तो तेरे मुताबिक ढल जायेंगे।
रफ्ता-रफ्ता , हम भी संभल जायेंगे।।
घर का सारे चिराग बावफा हैं बहुत।
शाम ढले , ख़ुद-ब-ख़ुद जल जायेंगे।।
-यूनुस खान
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