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माँ की ममता कभी नहीं पराई।

                
                                                         
                            माँ की गोद में सुकून मिलता है,
                                                                 
                            
जैसे तपती धूप में ठंडी छाया मिलती है।
उसकी आँखों की ममता में जो गहराई है,
वो इस दुनिया में कहीं दिखाई नहीं देती है।
मैं गिरा तो उसने थामा हर बार,
मैं रोया तो उसकी आँखें भी भर आईं,
दुनिया चाहे कितनी ही बदल जाए,
माँ की ममता कभी नहीं पराई।
तू ही मेरी पवित्र, निर्मल गंगा है,
मेरी हर भूल सुधारती माँ गंगा है।
मैं एक वृक्ष हूँ, तू मेरी जड़ है,
मेरे अस्तित्व की तू ही नींव अडिग खड़ी है।
तू वो मंदिर है, जहाँ शांति का स्पंदन है,
तेरे चरणों में ही मेरा सारा जीवन वंदन है।
मेरे हर डर का अंत तेरी छाया में होता है,
मेरे हर दर्द की दवा तेरा साया ही होता है।
मैं जब-जब टूटा, तूने संभाल लिया,
बिना कुछ कहे, हर दर्द को हर लिया।
तेरे होने से ही हर अंधेरा उजाला लगता है,
माँ, तुझसे ही मेरा हर रिश्ता पाला लगता है।
- यवन बोधिधर्मन
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4 महीने पहले

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