झकझोर दे जो डाली-डाली
वो आंधी कहलाती है
झकझोर दे जो रग -रग को
वो व्याधि कहलाती है
झकझोर दे जो दिल-दिमाग को
वो संस्कृति कहलाती है।
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X