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मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता हूं

                
                                                         
                            मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता हूं
                                                                 
                            
मैं तुम्हें एक अच्छा दोस्त बनाना चाहता हूं
मैं लिखकर या फोन पर नही तुम्हारे सामने बात करना चाहता हूं
मैं तुम्हें कभी खोना नहीं चाहता हूं

तुम्हारे आ जाने से खुदा भी खुद को अकेला पाया होगा
जिसने तुम्हें बनाया वह भी बड़ा मुस्कुराया होगा
आंखें तुम्हारे झील सी जिस में खो जाने का मन करता होगा
जैसे तुम, तुम ना हो तो घने बादल में बरसात ना होगा

याद हर पल हर रोज कभी-कभी आती है तुम्हारी
परिस्थितियां ना जाने कब कैसी होंगी
बात तुमसे कभी ना हो पाती

दोस्ती दोस्ती में साथ चलने का वादा किया था
सामने जब मिलते हो तो न जाने बेगाना सा क्यों है लगता

मैं जानता हूं मैं सर्वश्रेष्ठ नहीं हूं पर तुम्हारे लिए बनने की कोशिश करने लगा था
वादा था एक वादे से जरूरत पर मैं तुम्हारे साथ रहूंगा
इसी बातों पर मैं मर मिट चुका था

मैं अपने दिल की बात कहना चाहता हूं
मैं तुम्हें खोना नहीं चाहता हूं ।
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एक घंटा पहले

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