गईं तुम जब से,
न आया चैन न मिला आराम
घबराता है दिल,
न रहा हो तुम्हारा आख़िरी सलाम
पर ये धड़कन!
ये धड़कन मानो कहती है
कि तुम आओगी
तुम ज़रूर आओगी
बस इसी उम्मीद में.......
"चौखट पर बैठी है शाम"
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