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देखो आज भारत फिर से कैसे सुलग रहा है

                
                                                         
                            देखो आज भारत फिर से कैसे सुलग रहा है |
                                                                 
                            
चारों ओर पत्थर फेेेंक रहे हैं और आग से जल रहा है||

हर चौराहे और गली में शोर हो रहा है|
CAA और NRC का मतलब पता नहीं और विरोध हो रहा है||

चारो ओर है हालत बहुत खराब
और देश के संसाधनो का नुकसान हो रहा है||

देखो आज भारत फिर से कैसे सुलग रहा है |
चारो ओर पत्थर फिक रहे है और आग से जल रहा है||

हर जगह चर्चा है कि देश का धर्म के आधार पर बंटवारा हो रहा है|
एक मंत्री इस बिल को सबके सामने संसद में फाड़ रहा है||

सरकार कहती है धर्म के आधार पर 1947 मे बंटवारा हो चुका|
अब तो असम के बाद इसका देश में आगाज़ हो रहा है||

देखो आज भारत फिर से कैसे सुलग रहा है |
चारो ओर पत्थर फेक रहे हैं और आग से जल रहा है||

प्रधानमंत्री स्वयं कहे चुके इससे भारत के नागरिको का कोई लेना देना नहीं|
फिर भी हर रोज हिंसा और दंगा बढ़ रहा है||

उन लोगो पर क्या फ़र्क पड़ता है हिंसा का|
पूछो उनसे जिनके घर का चिराग बुझ रहा है||

देखो आज भारत फिर से कैसे सुलग रहा है |
चारो ओर पत्थर फेक रहे हैं और आग से जल रहा है||

डॉ विशाल त्यागी


- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

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6 वर्ष पहले

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