शक्कर हो जैसे चाशनी सी मिठी ,
बलवान बड़ी है मेरी छोटी सी चींटी।
कठिन हो रास्ते सरल है बनाती ,
हाँथी हो चाहे चेंटा सबसे भिड़ जाती ।
चींटी को यारों छोटा ना समझना,
ये बड़ा है सिक्का खोटा ना समझना ।
- विशाल रस्तोगी "नवाब "
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