अमरनाथ जी धाम के शिव और कश्मीर
भारत का सिर मुकुट कश्मीर
अपने देश की शान निराली है।
देवों के देव अमरनाथ गुफा में
बसते ,कहलाते बाबा बर्फानी हैं।
अमरनाथ गुफा को ढूंढा यहीं पहली
बार,गड़रियें बूटा मलिक जी ने।
मां पार्वती को यहीं अमरत्व की
कथा सुनाई थी,बाबा बर्फानी ने।
ऋषियों,मुनियों,सूफी संतों,ज्ञानियों
के ज्ञान की चादर यहीं खिली।
गंगा जमुनी तहजीब लिए सद्भाव
सहयोग,संस्कृति यहीं फूली फली।
बिखरा चहुओर सौन्दर्य प्रकृति का
संजोऐं वन संपदा, यहां की परिपाटी।
बसती हिमालय पर्वतों की श्रंखला,
चिनार के पेड़,चस्मे,झरनें,झीलें,घाटी।
पवित्र नदियों के उद्गम की भूमि,
खिली चोटियां समेटे स्वर्णिम सौन्दर्य।
पहाड़ों,घाटियों के बीच बहती नदियां,
चिनाव,झेलम,सतलज,रावी, सिन्धु।
भारत का सिर मुकुट कश्मीर
अपने देश की शान निराली है।
देवों के देव अमरनाथ गुफा में
बसते ,कहलाते बाबा बर्फानी हैं।
कहीं निकलते चस्मे,झरनें,खिलते
फूल,बिछती कहीं बरफ की चादर।
सेबों के बागान ,फूलों की घाटी,
मिल करते पर्यटकों का आदर।
डल झील में तैरते शिकारे,किश्तियां
हाउस बोट हैं, कश्मीर की पहचान।
केसर की होती है खेती,अखरोट,
बादाम आदि मेवों की तो है खान ।
पश्मीना एवम् कानी शालें,कश्मीरी
कार्पेट,कारीगरी के बेजोड़ नमूने।
कारीगरी की कला को संरक्षित
रखने के प्रयास होने बहुत जरूरी।
"गुरू जी"धरती का स्वर्ग कश्मीर
प्रकृति ने अनुपम सौन्दर्य बिखेरा है।
सहयोग ,सद्भाव, भाई चारे, चहुंमुखी
विकास से खिलने लगा सवेरा है।
भारत का सिर मुकुट कश्मीर
अपने देश की शान निराली है।
देवों के देव अमरनाथ गुफा में
बसते ,कहलाते बाबा बर्फानी हैं।
वीरेन्द्र कुमार
नई दिल्ली
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