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जीवन और मरण

                
                                                         
                            पैसा खूब कमाओ ,
                                                                 
                            
और दुनिया देखो।
एक दिन तो मरना है सभी को,
किसी को क़ब्र में जाना है
किसी को आग में जलना है।
यही जीवन है बस चलते जाना है,
रोज खाना पीना और नहाना है।
तुमको हर हाल में जीना है,
बाकी एक दिन तो मरना है।
-विपिन सिंह विरा 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
1 hour ago

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