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मुश्किल है इश्क और नामुमकिन तुम्हें पाना हुआ,

                
                                                         
                            तुमसे मिलकर ऐसा लगा
                                                                 
                            
तुम ना होती तो क्या ये जिंदगी होती,
ना होती आँखें नम ना चेहरे पर हँसी होती,
खो गया हूँ तेरे ख्वाबों में इस तरह
तुमसे मिलकर ऐसा लगा,
रुक जाते हैं होंठ मेरे लफ़्ज़ भी खो से जाते हैं,
जब दो दिल सामने आते हैं,
तुमसे हाल-ए-दिल अपना बयान किया,
आज फिर एक नया अरमान जगा,
खो कर खुद को तुम्हें पा लिया
तुमसे मिलकर ऐसा लगा,
इश्क के साये में जी रहे थे जो अब तक
मुक्कमल वो इश्क खयालों में हुआ,
जब खुली आँख तब मैंने ये जाना
मुश्किल है इश्क और नामुमकिन तुम्हें पाना हुआ,
टूट गई हर ख्वाहिश अधूरा मैं हो गया,
मिल गई हो जैसे खुशी कायनात की
मुझे तुमसे मिलकर ऐसा लगा।


 
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6 घंटे पहले

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