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परछाईं

                
                                                         
                            न सिकवा किया करो न गिला किया करो,
                                                                 
                            
बस हर लम्हे उसके संग जी भरकर जिया करो।

एक वो ही है जिससे हाले दिल बयां किया करते हो,
वो ही है जिसके संग तुम अपना हर सुख दुख को बाँट लिया करते हो।

ये वो ही है जो हर दास्तां सुन लेती है तुम्हारी बड़े प्यार से,
कभी भी तंग नही होती है वो तुम्हारी जोक झोक वाली तकरार से।

परेशान करोगे तो वो जवाब भी देगी और सवाल भी करेगी,
क्योंकि वो ही तो है जो सबकुछ भूलकर तुम्हे प्यार भी करेगी।

कोई तो भूल हुई होगी तुमसे जो उसने यू दूरी बनाई है,
नाराज होकर भी अपना हर फर्ज निभाती है ये उसकी अच्छाई है,
मत भूलो जो तुमसे रूठी, वो तुम्हारी ही परछाईं है।

इतना मत सोचो जाओ मना लो उसे, क्यूंकि तुम जानते हो वो मान जायेगी,
एक बार फिर से दौड़कर, वो तुम्हारी ही बाहों में आ जायेगी l

न सिकवा किया करो न गिला किया करो, बस हर लम्हे उसके संग जी भरकर जिया करो।
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3 वर्ष पहले

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