जब कोई काली रात
नागिन बन तुम्हारे
सपनों को डसेगी
तब उम्मीद की किरण की तुम राह तकोगी ना
बिछड़ जाऊं कल अगर तुमसे मुझे याद करोगी ना
जब कोई दुख
साया बन तुम्हारे
सुख का पीछा करें
तब मन की रोशनी प्रज्वलित करोगी ना
बिछड़ जाऊं कल अगर तुमसे मुझे याद करोगी ना
जब कोई पत्थर
रास्तें आ तुम्हारे
पथ को बाधित करें
तब तुम कोशिश की पराकाष्ठा करोगी ना
बिछड़ जाऊं कल अगर तुमसे मुझे याद करोगी ना
जब कोई निराशा
हार बन तुम्हारे
जीत का पछाड़ करें
तब आशा के सूरज की तुम राह तकोगी ना
बिछड़ जाऊं कल अगर तुमसे मुझे याद करोगी ना
विनोद यादव 'शहीद'
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