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ज़िंदगी में हार मानना फ़िज़ूल है

                
                                                         
                            ज़िंदगी में कभी हार मत मानो। चुनौतियाँ आती रहेंगी, ज़िंदगी में हर जगह आएँगी,
                                                                 
                            
लेकिन तुम यह सोचकर हार मत मान लेना कि अब बहुत हुआ और अब मुझसे और नहीं हो पाएगा।
ऐसा करने से तुम्हारी ज़िंदगी वहीं रुक जाएगी और तुम अपनी ज़िंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे।

समझ लो, ज़िंदगी में हार मानना फ़िज़ूल है,
और जब तक तुम यह बात समझ पाओगे, काफ़ी देर हो जाएगी।
इससे अच्छा है कि तुम्हें अपनी ज़िंदगी में कभी हिम्मत नहीं हारनी है।
किसी भी कार्य को करने के लिए दृढ़ निश्चय लो और आगे बढ़ो। बिना कोशिश किए ही अपनी ज़िंदगी से हार मानना व्यर्थ है।

 
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एक घंटा पहले

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