चौबीस दिसंबर दो हजार तेईस को जब दिल्ली आये,
साकेत में स्वामी अजब सिंह मिलन का बिचार बनाये।
सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान से कार को बुलाए,
25-12-23 को इंदिरा इनक्लेव में स्वामी घर आये।
स्वामी जी दाढ़ी रखाये और हिमाचली टोपी लगाए थे,
स्वामी जी की टोपी देखकर अपनी टोपी याद आये थे।
दाढ़ी वाले स्वामी जी बड़े अदब के साथ पेश आये,
हम लोगों ने चाव से स्वामी जी के घर पर लड्डू खाए।
मीरा शंकर विदेशी राजनयिक के बारे में बताया था,
अंकित यादव ने स्वामी जी की प्रतिभा को सराहा था।
अपने रोजाना के अध्ययन के बारे में वह खूब बतियाये ,
आकांक्षा के स्वास्थ्य के कारण जल्दी हम वापस आये।
द्वारका से आकांक्षा यादव के फ्लैट से जब वापस आये,
आज विदेश सेवा संस्थान पर यह सब कुछ लिख पाये।
- बीपी सिंह यादव
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