सरपरस्ती सरस्वती की,
महान मनमोहन सिंह,
पाक जमीं पर जन्मे,
बंटवारे की बयार,
उड़ा लाई भारत की जमी पर,
निर्धनता में सरस्वतीजी की वंदना करते रहे,
परिस्थितियों के अंधकार के कुहासों को छांट,
हावर्ड यूनिवासिटी से अर्थशास्त्र की तालीम हासिल कर,
उच्चकोटी के अर्थशास्त्री ,
R B I bank के बने गवर्नर,
सरपरस्ती सरस्वती जी
महान मनमोहन सिंह
शिखर पुरुष बन
सत्ता भारत की
बने भारत के प्रधानमंत्री,
पद दबाव का,
डोर किसी और के हाथ,
मौन,सीमितशब्द,
प्रधान मंत्री कम एक काबिल ऑफिसर ज्यादा,
अपनी सूझबूझ से गिरती अर्थव्यवस्था
को संभाला,
सरपरस्ती सरस्वती जी की,
महान मनमोहन सिंह,
पाक मन से ना निकल सका
लगवाए गीजर मस्जिदों में,
अल्लाह का नाम लेने से पूर्व,
शुक्रिया अदा करते मनमोहन को,
गुनगुने पानी के लिए,
सरपरस्ती सरस्वती जी की,
ना कोलाहल थे,
ना इश्तहार अपनी खूबियों के
शांत सागर से।
सरपरस्ती सरस्वती जी की,
गौरवमय जीवन ।
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