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ओ नंदलाल …. सुन ले एक अर्ज़ी

                
                                                         
                            ओ नंदलाल… ओ नंदलाल ….
                                                                 
                            
सुन ले एक अर्ज़ी मेरी, रे नंद के लाल।
ओ नंदलाल… ओ नंदलाल ….
सुन ले एक अर्ज़ी मेरी, रे नंद के लाल।

हम तो ठहरे कच्चे घड़े,
क्यों परखे हमें तू साँवरे?
कभी सुख- दुख में उलझाए,
तो कभी भर-भर आँख रुलाए।
तेरी माया हमसे न जीती जाए,
तेरी माया हमसे न जीती जाए।

तू बालक जान हमें,
हृदय से अपने लगा।
सुन ले अर्ज़ी मेरी,
ओ नंद के लाल।
ओ नंदलाल…. ओ नंदलाल….

हम तो साधक हैं, तुच्छ से तेरे,
क्यों ज्ञानी समझ हमें तू परखे?
कभी अंधेरों में भटकाए,
तो कभी तूफानों से लड़वाए।
तेरी माया हमसे न जीती जाए,
तेरी माया हमसे न जीती जाए।

तू बालक जान हमें,
हृदय से अपने लगा।
सुन ले तू अर्ज़ी मेरी,
ओ नंद के लाल।
ओ नंदलाल…. ओ नंदलाल….
-वन्दना सूद
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50 minutes ago

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