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माजा बा सुन के, चुपचाप रहला में।

                
                                                         
                            का बा कहला में।
                                                                 
                            
सब बा सहला में।

माजा बा सुन के,
चुपचाप रहला में।

बिगड़े ला बात सब,
बात के महला में।

केहू के जरला प,
फोरन के दहला में।

का बा कहला में,
सब बा सहला में।
-विजय कुमार पाण्डेय 'प्यासा
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एक दिन पहले

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