हम दिल को जला कर उजियारा करते हैं।
तेरी चाहत में हर रोज़ जीते हैं और मरते हैं।
तू एक ना एक रोज़ हमको मिलेगा जरूर।
बस इसी उम्मीद पर जिंदगी काटते हैं
-राजलक्ष्मी राज
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