हर शाम ईद की कव्वाली हो गयी है
हर सुबह रंगों वाली हो गयी है
तुम जब से आये जिंदगी में मेरी
हर रात अब दिवाली हो गयी है
दोस्ती का जबसे हुआ है वादा
आईना देखने लगे हैं कुछ ज्यादा
रहते हैं अपनी धुन मे अक्सर
कुछ चाल भी मतवाली हो गई है
तुम जब से आये हो जिंदगी मे मेरी
हर रात अब दिवाली हो गयी है
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