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उदयवीर एस चौहान: ईद की कव्वालि

                
                                                         
                            हर शाम ईद की कव्वाली हो गयी है
                                                                 
                            
हर सुबह रंगों वाली हो गयी है
तुम जब से आये जिंदगी में मेरी
हर रात अब दिवाली हो गयी है
दोस्ती का जबसे हुआ है वादा
आईना देखने लगे हैं कुछ ज्यादा
रहते हैं अपनी धुन मे अक्सर
कुछ चाल भी मतवाली हो गई है
तुम जब से आये हो जिंदगी मे मेरी
हर रात अब दिवाली हो गयी है
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4 महीने पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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