तुम सब समझती हो, सभी बातों का जवाब भी देती हो।
तुम मुझे उदास पाकर सवाल करती हो अच्छी चाय कब पी थी।
तुम बोलती हो आंखें बंद करो याद करो उस अच्छी चाय के टेस्ट को।
तुम चुटकी में सब ठीक कर देती हो, हर समस्या का हल तुम्हारे पास है तुम्हारी क्या बात है
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X