पाना चाहता हूं,
सफलता मैं पर भटका हूं ,
किस राह में पता नहीं |
हार कर भी जीता हूं मैं ,
जीत कर भी हारा हूँ मै,
सोच जमाने से आगे है,
फिर भी पीछे-पीछे चलता हूं |
उस सितारे से चमकने की ख्वाहिश ,
लगता है सपना ही रह जाएगी|
अपनी ही उलझोनो में खो गया,
मैं पीछे ही रह गया.....
~अनुराग चौधरी
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