जीवन की कुछ यादें हैं
जो इतनी उलझायेगी
पता नहीं,पता नहीं
कुछ यादें ऐसी भी हैं
भूलें भूल नहीं पाते हैं
भूलने का प्रयास करें तो
ग़म में डूबे जाते हैं
ये यादें उलझाई हुई
याद हमें यह जायेगी
जहां कहीं भी जायेंगे तो
थोड़ी मोड़ी खुशियों के संग
ग़म की आंधी जायेगी
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