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मैने खुद को टूटते देखा है, मैने खुद को बिखरते पाया है।

                
                                                         
                            मैने खुद को टूटते देखा है, मैने खुद को बिखरते पाया है।
                                                                 
                            
क्या कहूं, किसे कहूं, कि मुझे मेरे अपनों ने कितना सताया है।
मैने खुद को टूटते देखा है, खुद को बिखरते पाया है।
क्या कहूं कि मुझे मेरे सपनों ने बहुत रुलाया है।
मैने खुद को टूटते देखा है ,खुद को बिखरते पाया है।
मेरे आशा के दीप को मिल के मेरे अपनों ने ही बुझाया है,
मैने खुद को टूटते देखा है,खुद को बिखरते पाया है।
-रश्मि...
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21 घंटे पहले

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