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मैं कौन हूँ

                
                                                         
                            पता नहीं
                                                                 
                            
मैं कौन हूँ
अजनबी सा
महसूस होता है
अपने अंदर भी
बाहरी दुनिया में तो
मैं अनजाना हूँ ही
अनजान राह में
बढ़ चला हूं लेकिन
शायद कोई मंजिल
मिल जाए
कहीं पर
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5 घंटे पहले

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