क्या लिखा है मेरे अहर्निश में
कोई तो बताकर जाए
जिससे गुज़ारिश करूँ।
सुन लो ना
ओ बिन छतरी वाले !
तुम तो भीग जाओ
मेरे नुमाइश प्रश्नों से
ऐसी बारिश करुँ ।
बना लू अपने मासूम दिल को इतना ताबिश ।
अब सिर्फ और सिर्फ एक साज़िश
अब तुम्हें हासिल
प्यार भरे इंतजार से करुँ।
-ममता पन्नू
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