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काश तुम

                
                                                         
                            काश तुम आज मेरे पास होते
                                                                 
                            
मैं तुम्हें गले लगा कर रोती पूरी रात
ओर तुम कहते
नहीं तुम कुछ नहीं कहते

तुम बस मेरी सिसकियों को सुनते
मेरे आँसूओ को अपनी सफेद शर्ट पर बहने देते
मेरे मन में रह रहे बरसों के समंदर को अपने कंधों पर
आज उतरने देते
तुम बस चुप रहते
और शायद मै कुछ सुनती भी नहीं क्योंकि
तुम्हारी आवाज से ज्यादा मुझे तुम्हारी
मौजूदगी पसंद है
तुम्हारे दिलासा देते शब्द नहीं
तुम्हारा चुप आलिंगन पसंद है
काश आज तुम होते............
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10 hours ago

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