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कभी तो मेरे प्यार को समझोगी

                
                                                         
                            यूं न छोड़ कर, जाने की बातें करो कभी।
                                                                 
                            
कोई कमी रही मेरे प्यार में तो बताओ अभी।

राज हो गहरा गर फिर भी बताओ तो सही।
पास हो कर भी ये खामोशी सही जाती नहीं।

पुछने पर मुस्कुराकर टालना,जान ले लेगी मेरी।
धड़क रहा है दिल मेरा इसी उलझन में हर घड़ी।

मालूम लफ्ज़ कम पर जाते जज़्बात के आगे।
यकीन है,कभी तो पिघलोगी मेरे प्यार के आगे।
-श्याम कुमार "सागर"*::-
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4 घंटे पहले

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