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क्यू कर ले हम इतना भरोसा किसी का क्यू उम्मीद करे हम किसी झूठी खुशी का,

                
                                                         
                            क्यू कर ले हम इतना भरोसा किसी का
                                                                 
                            
क्यू उम्मीद करे हम किसी झूठी खुशी का,
हमें मालूम है जब टूटती है ये भरोसे की डोर
तो ये भरोसा ही बनता है वजह ख़ुदखुशी का।
भरोसा करना ही है तो खुद का करेंगे
खुद के ही दम पर जिंदगी जिएंगे
क्या हमारे लिए सही है और क्या है गलत
किसी से पूछेंगे नहीं ये खुद ही परखेंगे
सपने देखे हैं जब हमारी आँखों ने
तो हम ही उसको साकार करेंगे
आज़ाद जियेंगे आज़ाद मरेंगे ।
हम रिश्तों की कठपुतली नहीं बनेंगे।
-राजलक्ष्मी राज
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15 minutes ago

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