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वो लड़की क्या खूब लगती है

                
                                                         
                            वो लड़की क्या खूब लगती है
                                                                 
                            
सुनो वो कैसी लगती है
खुले लंबे बाल
बड़ी नटखट सी आंखे
हल्के गुलाबी गाल
हल्के कपड़े में लगती है बवाल
निशा की अंधियारी में
दमकती हुई वो हसीना
मै पागल वो बादल
मैं पर्वत वो नदी
मैं घाट वो घाट की रौनक
मैं दीप वो बाती
मैं साँस वो वायु
मैं धूप वो छाँव
मैं राह वो मंज़िल
मैं शब्द वो स्वर
मैं गीत वो सरगम
मैं चाँद वो चाँदनी
मैं सागर वो लहर
मैं धरती वो अम्बर
मैं सीप वो मोती
मैं कागज़ वो कहानी
मैं राग वो रागिनी
मैं फूल वो खुशबू
मैं शाम वो सवेरा
मैं तारा वो आकाश
मैं सपना वो हक़ीक़त
मैं दिल वो धड़कन
मैं मौसम वो बहार
मैं प्यास वो सावन
मैं अधूरा वो पूरा
मै अंबुज वो अंबिका
मैं धड़कन वो सुकून
मैं लम्हा वो जुनून
मैं किस्मत वो दुआ
मैं सजदा वो खुदा
मैं मिट्टी वो ख़ुशबू
मैं दरिया वो आरज़ू
मैं चाहत वो यक़ीन
मैं रस्ता वो ज़मीन
मैं अधूरा सा सफ़र
वो मेरी आख़िरी मंज़िल।

-पंकज तिवारी
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2 घंटे पहले

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