हर मौसम का अपना रंग होता है,
हर गुलाब का अपना ढंग होता है।
हर गुलाब में एक-सी ख़ुशबू नहीं होती,
हर इंसान की एक-सी फ़ितरत नहीं होती।
रंग अलग हैं, ख़ुशबू अलग है,
हर इंसान की अपनी पहचान अलग है।
मगर मोहब्बत कोई हज़ार नहीं होती,
मोहब्बत तो बस एक का नाम होती है।
चाहे चेहरे हज़ार मिल जाएँ इस दुनिया में,
मगर दिल में जगह हर किसी के नाम नहीं होती।
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