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जो प्रेम में मृत आत्मा को भी ज़िंदा होने का अहसास दे जाती है।

                
                                                         
                            "कितना मुश्किल होता है नदियों के लिए पहाड़ तोड़कर बहना,
                                                                 
                            
कितना कठिन होता होगा ज्वालामुखी के लिए फटकर धरती पर आना।
कितना संघर्ष करना होता होगा हवाओं के लिए पहाड़ों को मरुस्थल बनाने के लिए,
कितना सब्र करना होता होगा बादलों को बूँद बनकर धरती पर बरसने के लिए।
कितना चुनौतीपूर्ण होता होगा किरणों के लिए सागर की गहराई नापना,
पर इन सब चुनौतियों से कहीं ज़्यादा बढ़कर है—
दिल में भरे प्रेम की भावनाओं को समेटना।
जब दो मिलकर एक बन जाते हैं,
कितना साहस होता होगा उस प्रेम में, जो हर मुसीबत मुस्कुराकर झेल जाते हैं।
पर इन सब चुनौतियों से कहीं आगे है,
प्रेम में जख्म खाए हुए हृदय की मनोदशा;
प्रेम को बेगाना बनते देखना... और हार झेलना।
धड़कन सहम गई है, और काँपती उंगलियाँ कलम को पकड़ना भूल गई हैं,
मैं एक पूर्णविराम पर आकर ठहर गया हूँ।
पर इन सब शौर्यगाथाओं से भी महान... उस चेहरे की मुस्कान है,
जो प्रेम में मृत आत्मा को भी ज़िंदा होने का अहसास दे जाती है।

 
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2 घंटे पहले

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