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भारत माता को एक वीर सपूत मिला।

                
                                                         
                            आज के दिन एक फूल खिला था,
                                                                 
                            
भारत माता को एक वीर सपूत मिला।
संघर्ष में जीवन चला,
भारत का मिसाइल मन बना।
अखबार को बेचना अपने जीवन चलाया,
सादगी से भरा था जीवन बनया।
चुनौती ने भी किया था तंग,
सपनों मे भी था दम।
इनकी कलम में भी था दम ।
सपनों की उड़ान भरी ,
उनकी कही किताब लिखी थी।
भारत रत्न सम्मान मिला,
राष्ट्रपति बनने का अवसर प्रदान हुआ
अपना जीवन दिया देश के नाम,
ऐसे वीर योद्धा को मेरा सत सत प्रणाम।
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एक घंटा पहले

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