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सुधार मुमकिन शादी के बाद

                
                                                         
                            बात कैसे नही मानेगा आप के मनाने से।
                                                                 
                            
कभी-कभी निराशा मिलती ऐसे घराने से।।

लोग कहते सुधार मुमकिन शादी के बाद।
दीवानापन हिरन होता जिम्मेदारी आने से।।

क्या कुछ बता रहे उनके बहके मिजाज।
औकात में लायेगी इस तरह समझाने से।।

उनके लिबास अब काम में नही आयेंगे।
निर्धारित पोशाक में दिख रहे कमाने से।।

जो अपने बूते पर खड़े हो गए 'उपदेश'।
उनकी इज़्ज़त पहचानी गई अपनाने से।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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3 घंटे पहले

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