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सैर-सपाटा मून पर

                
                                                         
                            नज़रे उतरने लगी दिल की जमीन पर।
                                                                 
                            
सुहाना सफर टिका हुआ परवीन पर।।

मन कली सा खिला अंगड़ाईयां लेता।
विज्ञान का महोत्सव फैलेगा मून पर।।

एक साथ उठ खड़े होंगे हृदय के भाव।
खूब दूर तक सैर-सपाटा होगा मून पर।।

तपती दोपहर भी देखेंगे और शाम भी।
ठहरना पड़ेगा ढलती रात तक मून पर।।

बढ़ेगी धड़कनो में पत्तों सी सरसराहट।
स्वप्न में दुपहरी लगेगा 'उपदेश' मून पर।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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2 घंटे पहले

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