आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

नसीहत देने वालो को मुनासिब लगता है।

                
                                                         
                            नसीहत देने वालो को मुनासिब लगता है।
                                                                 
                            
मुस्कुराया कीजिए बहुत अच्छा लगता है।।

लबों पर तितलियाँ जैसे आराम कर रही।
उन्हें पराग पर बैठना बेहद अच्छा लगता है।।

चेहरे का काम नजरिया बताने का हुआ।
खुशी में प्रत्येक नजरिया अच्छा लगता है।।

ना लागत लगती ना कोई खर्चा लगता है,
मोहब्बत करना 'उपदेश' अच्छा लगता है।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
22 मिनट पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर