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मोहब्बत को सँभालना कोई उनसे सीखे

                
                                                         
                            मोहब्बत को सँभालना कोई उनसे सीखे।
                                                                 
                            
अचानक से अन-फ्रेंड करना उनसे सीखे।।

नाराजगी जताई नही और कुछ कहा नही।
सीधे बातचीत से बचना कोई उनसे सीखे।।

रिश्ते की डोर झटक दी रिश्ते सँभालने को।
हर उलझन को उड़ा देना कोई उनसे सीखे।।

बिन बताये भुलाने की हर कोशिश शानदार।
इतनी रफ्तार से आगे निकलना उनसे सीखे।।

उनकी खामोशी के पीछे कोई राज 'उपदेश'।
खुद के राज को छुपाना कोई उनसे सीखे।।

अब आगे इंतजार रहेगा हमें और उन्हें भी।
धीरज से काम निकालना कोई उनसे सीखे।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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5 घंटे पहले

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