मोहब्बत फूल की खुशबू इज़्ज़त की अधिकारी हैं।
हम समझते सीप का मोती हिज्र की बेकरारी हैं।।
पढ़ने वालों बताओ किस तरह समझे मोहब्बत को।
मोहब्बत रंग तितली का और उड़ने में अदाकारी हैं।।
मोहब्बत बहन की उल्फत भाई की चाहत 'उपदेश'।
माँ की ममता में छुपी जिसकी फितरत विवेकधारी हैं।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X