किनारा कर लिया बताया भी न गया उनसे।
बुरा वक्त था नही 'उपदेश' लाया गया उनसे।।
अब खुद ही परेशान होकर खामोश लग रही।
मिजाज़ अच्छे थे 'उपदेश' काम न लिया उनसे।।
सच बोलने के संस्कार उन्हें पसन्द आए नही।
हम खुद को न बदल पाए 'उपदेश' पाए नही।।
झूठ बोलकर मशहूर हो गये कुछ वर्ष के लिए।
खुद को खुद ही विश्व गुरू कहते 'उपदेश' दिए।।
शिक्षा की कमी से इंसान बेशरम हो ही जाता।
जिस डाली पर बैठता 'उपदेश' उसे ही काटता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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