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खुशबू को पाना है

                
                                                         
                            तुम से उलझकर तुम्हारी खुशबू को पाना है।
                                                                 
                            
चढ़ती उम्र में भी 'उपदेश' खुशी को चुराना है।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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14 घंटे पहले

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