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खामोशी से एक बात जान गई

                
                                                         
                            मेरी खामोशी से एक बात जान गई।
                                                                 
                            
थोड़ी देर लगी 'उपदेश' पहचान गई।।

इतने दिन बाद राह बदलेंगी ना जानूँ।
चलो अच्छा हुआ वह खुद मान गई।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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20 घंटे पहले

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