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रिश्ता फ़ना होता 'उपदेश' होती नही हार।।

                
                                                         
                            खामोशी की शिकार शायद होगी बीमार।
                                                                 
                            
जरूरतें पहले से कम पर हसरतें बेशुमार।।

बुरा वक्त कभी भी इत्तला देकर ना आया।
उसका तरीका रखता जन्मजात अधिकार।।

ख्वाहिशों का रोग किसी का दूर नही हुआ।
एक ढूंढो तो इस धरती पर मिलते हज़ार।।

साथ नही देने की कोई वाजिब वज़ह नही।
साथ छोड़ने के उसके पास बहाने बेशुमार।।

मोहब्बत में अक्सर जिम्मेदारियाँ टकराती।
रिश्ता फ़ना होता 'उपदेश' होती नही हार।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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एक घंटा पहले

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