मोहब्बत करने वालों से अंजाम तो पूछो।
दो-चार जाम के बाद जरा नाम तो पूछो।।
इश्क भी करता और ख़फ़ा भी रहता वो।
उसके सिवा और क्या जरा काम तो पूछो।।
नीचे आँख कर लेना सीखा है दिलबर से।
क्या कुछ लेकर सीखा जरा दाम तो पूछो।।
कमा लो लाख तुम दौलत बुलन्दियों की।
उससे मिला क्या है जरा पैगाम तो पूछो।।
तूँ ही मेरा मर्ज और तूँ ही दवाई 'उपदेश'।
वक्त का राजा हूँ मैं दिया ईनाम तो पूछो।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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