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गुफ़्तगू करने के लिए

                
                                                         
                            अपने पन्ने पलटने से पहले सोचना जरा।
                                                                 
                            
गुफ़्तगू करने के लिए थोड़ा सम्हलना जरा।।

तुम्हारी जगह ठीक मैं ही जंजाल में फंसा।
किसी होगा अजीज पाला बदलना जरा।।

भीड़ से अलग होने में वक्त लगेगा मुझे।
दिखने लगेगी राह तब ख्याल रखना जरा।।

प्यासे के पास दरिया आता नही कभी।
गला सींचने के लिए दो कदम चलना जरा।।

मोहब्बत छुपाता क्यों 'उपदेश' पहल कर।
कदम के आगे मंजिल उसका साया खरा।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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1 hour ago

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