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बेइंतहा चाहना

                
                                                         
                            किसी को बेइंतहा चाहना खामोश रहना।
                                                                 
                            
तन्हाई में छटपटाना फ़ोन तक ना करना।।

आत्मा की परतो में कई किस्से दबाये गए।
उनमें से एक मोहब्बत का सरोकार होना।।

ऐसा मंजर आया जो कभी सोचा नही था।
यादों के मेले में न चाहते हुए बरसात होना।।

अपेक्षाओं पे चिपकी धूल जाने कब हटेगी।
संगम होने पर 'उपदेश' बाधाओं का छटना।।

सुकून मिलेगा जब रूह को रूह समझेगी।
दुख दर्द अन्तर्ध्यान होंगे आदित्य प्रेम होना।।

- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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40 मिनट पहले

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