आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

आजमा कर देख

                
                                                         
                            जरूरत पर कोई काम नही आता आजमा कर देख।
                                                                 
                            
जिनसे रिश्ते रखता सब नाम के आजमा कर देख।।

लोगों की निगाह में तुम्हारी दोस्ती बड़ी गहरी लगती।
उन्हीं से धोखा खाएगा बेवक्त जरा आजमा कर देख।।

मुसीबत के लिए थोड़ी बचत करना सीखा ही नही।
हाथ फैलाने पर क्या मिलेगा थोड़ा आजमा कर देख।।

कहने भर के लोग मिल जायेंगे साथ तेरे जवानी पर।
उम्र ढ़लने पर 'उपदेश' काम के नही आजमा कर देख।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
22 minutes ago

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर