दिल की ख्वाहिश दिल में ही सब दब गए।।
कुर्ता पजामा सब सिले सिलाई घर पर रख गए।।
नई उम्मीदें नई परिवर्तन सब पानी में बह गए।।
मध्य प्रदेश चुनाव राजनीति के दलदल में फंस गए।।
नई विकास नई ऊर्जा सब आंसुओं में बह गए।।
आम आदमी की उम्मीद रखें रखाए रह गए।।
प्रचार होते होते ही चुनाव टल गए।।
अब, कब होगा चुनाव संदेह में सब पड़ गए।।
दिल की ख्वाहिश दिल में ही सब दब गए।।
तुलसी राम यादव
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