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कुछ तो है जो छिपा रहे हो

                
                                                         
                            तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो,
                                                                 
                            
कुछ तो है जो छिपा रहे हो..
बन जायेंगे जहर, पीते-पीते
ये अश्क जो यूं पिए जा रहे हो!

- हिमांशु त्रिपाठी 
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3 वर्ष पहले

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