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कल्पना

                
                                                         
                            हंसने का बहाना ढूंढने वालो जरा सोचो ,
                                                                 
                            
जो ए करते रहे तो मुस्कुराना भूल जाओगे।

दिलो में पालते रहते हो जो तुम हर घडी़ नफरत,
अगर एेसा रहा तो दिल लगाना भूल जाओगे।
तिलक गोण्डवी


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6 वर्ष पहले

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